Shivratri Aarti – Complete Hymn, Meaning & Spiritual Significance
Shivratri Aarti is a sacred devotional hymn sung to honor Lord Shiva during Maha Shivratri, a night celebrated for spiritual awakening, meditation, and devotion. This Aarti is an essential ritual in Shiva worship, invoking the deity’s blessings for protection, prosperity, and inner peace. Performed with devotion, the melodious verses of Shivratri Aarti create a divine atmosphere that elevates the mind and soul.
शिवरात्रि आरती
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्धनारीश्वर।
ॐ जय शिव ओंकारा…
महाकाल, कैलाशपति, शंकर शंभू निरंजन।
त्रिपुरारी, गिरिजापति, भोलेनाथ महाकानन।
ॐ जय शिव ओंकारा…
नीलकंठ महादेव, भस्मरूपी चंदन।
भूतनाथ, भूतभावन, भवानीसहित जगतपति।
ॐ जय शिव ओंकारा…
सर्व सुखदाता, दीनबंधु, संकटहर शंभो।
त्रिशूलधारी, गंगाधर, हरे भूतनाथ भो।
ॐ जय शिव ओंकारा…
सत्य, धर्म, ज्ञान, तप, और करुणा के स्रोत।
भक्तजननाथ, विश्वनाथ, शरणागत वरदायक।
ॐ जय शिव ओंकारा…
सकल जगत पालनकर्ता, शिवशक्ति के स्वरूप।
रुद्र, शंकर, भोलेनाथ, जय जय भोलेनाथ।
ॐ जय शिव ओंकारा…
भूत, भविष्य, और वर्तमान काल में, भक्तों की रक्षा करने वाले।
शिवशक्ति के आदिशक्ति स्वरूप, त्रिलोकीनाथ महादेव।
ॐ जय शिव ओंकारा…
महाकाल, कालभैरव, भक्तजननाथ।
संकट, रोग, पाप नाशक, भोलेनाथ।
ॐ जय शिव ओंकारा…
दोहा:
जय शिव ओंकारा, हर हर महादेव।
भूतनाथ शिव शंकर, जग में त्रिलोक के सेव।
शिवरात्रि आरती
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्धनारीश्वर।
ॐ जय शिव ओंकारा…
महाकाल, कैलाशपति, शंकर शंभू निरंजन।
त्रिपुरारी, गिरिजापति, भोलेनाथ महाकानन।
ॐ जय शिव ओंकारा…
नीलकंठ महादेव, भस्मरूपी चंदन।
भूतनाथ, भूतभावन, भवानीसहित जगतपति।
ॐ जय शिव ओंकारा…
सर्व सुखदाता, दीनबंधु, संकटहर शंभो।
त्रिशूलधारी, गंगाधर, हरे भूतनाथ भो।
ॐ जय शिव ओंकारा…
सत्य, धर्म, ज्ञान, तप, और करुणा के स्रोत।
भक्तजननाथ, विश्वनाथ, शरणागत वरदायक।
ॐ जय शिव ओंकारा…
सकल जगत पालनकर्ता, शिवशक्ति के स्वरूप।
रुद्र, शंकर, भोलेनाथ, जय जय भोलेनाथ।
ॐ जय शिव ओंकारा…
भूत, भविष्य, और वर्तमान काल में, भक्तों की रक्षा करने वाले।
शिवशक्ति के आदिशक्ति स्वरूप, त्रिलोकीनाथ महादेव।
ॐ जय शिव ओंकारा…
महाकाल, कालभैरव, भक्तजननाथ।
संकट, रोग, पाप नाशक, भोलेनाथ।
ॐ जय शिव ओंकारा…
दोहा:
जय शिव ओंकारा, हर हर महादेव।
भूतनाथ शिव शंकर, जग में त्रिलोक के सेव।



















